इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन में कहा कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि इन मीज़ाइलों का स्रोत ईरान है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव कुछ विशेष देशों के बुरी तरह से दबाव में हैं और ऐसी रिपोर्ट पेश की जिसका कोई आधार ही नहीं है।
सैयद अब्बास मूसवी ने इस बात पर बल देते हुए कि अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को अपने लक्ष्य के लिए बंधक बना रखा है। उन्होंने आईएईए के सदस्य देशों को सलाह दी है कि वे इस बारे में वास्तविकता को देखें और पुख़्ता सबूतों और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी के साथ ईरान के अच्छे सहयोग पर नज़र डालें अमरीका तथा ज़ायोनी शासन के दावों में न आएं।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव की रिपोर्ट के आधार पर ईरान के मामले को सुरक्षा परिषद में ले जाने के अमरीकी प्रयासों के बारे में कहा कि ईरान के बारे में अमरीका का दावा, ग़ैर क़ानूनी और बेबुनियाद है और सुरक्षा परिषद के समस्त सदस्य देश भी इस विषय से अवगत हैं।
सैयद अब्बास मूसवी ने कहा कि रूस और चीन ने भी अमरीकी दावे को परमाणु समझौते और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 के विरुद्ध क़रार दिया है। उनका कहना था कि ईरान के विरुद्ध हथियारों पर प्रतिबंधों की अवधि को बढ़ाना, रेड लाइन और नई शुरुआत है जिसके प्रयास में अमरीका है किन्तु निश्चित रूप से अमरीका के प्रयास परिणामहीन रहेंगे और उसके दबावों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने इंटरनैश्नल क्रिम्नल कोर्ट के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंध की ओर संकेत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय अराजकता फैलाने और वैश्विक व्यवस्था को ख़राब करने के प्रयास में हैं।